फिजियोथेरेपी कोर्स क्या है: प्रवेश, योग्यता, कॉलेज, जॉब, सैलरी

फिजियोथेरेपी कोर्स: फ़िज़ियोथेरेपी मेडिकल क्षेत्र का एक शाखा है. फिजियोथेरेपिस्ट शारीरिक दर्द, चोट और शारीरिक विकार सम्बंधित रोगियों का उपचार (Treatment) करता है. यह मुख्य रूप से शरीर के बाहरी भागों का इलाज करता है. जैसे शरीर में लगी चोट, हड्डियों की चोट और दर्द का इलाज करता है. यह जानने के बाद आपपके मन सवाल होगा कि फ़िज़ियोथेरेपिस्ट कैसे बने?

आज की भाग-दौड़ भरी तनावपूर्ण जिंदगी में हमारे शरीर की मांशपेशियां में खिंचाव, दर्द आम बात है, इस सबके उपचार के साथ डॉक्टर हमें फिजियोथैरेपी की सलाह देकर फ़िज़ियोथेरेपिस्ट के पास भेजता है। फिजियोथेरेपी कोर्स के अंतर्गत आपको एक्सर्साइज, मसाज या इलेक्ट्रोथेरेपी के द्वारा इलाज किया जाता है जिससे डिजीज को रोका जाता है। आज कल लोग कई तरीके की बीमारीओं से ग्रस्त है, और जिनका इलाज फिजियोथैरेपी द्वारा किया जाता है जैसे- हड्डियों, मांसपेशियों में दर्द, जकड़न आदि। अगर आप भी आपने करियर फिजियोथेरेपी मे बनना चाहते है तो आप डिग्री और डिप्लोमा दोनों तरह के कोर्स कर सकते हैं इसी के साथ अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं या पीएचडी करना चाहते हैं तो भी कर सकते है।

फिजियोथेरेपी
अनुक्रमणिका

1. दवाइयों की महत्वपूर्णता
2. फिजियोथैरेपी कोर्स
3. फिजियोथैरेपी के कार्य क्षेत्र
4. नौकरी के विकल्प
5. फिजियोथैरेपी के प्रमुख संस्थान
6. फिजियोथेरेपी कोर्स करिकुलम
7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दवाइयों की महत्वपूर्णता

दवाइयों की जानकारी भी जरुरी है कि दवाइया जहां पर्याप्त मात्र में हमारे शरीर के लिए लाभदायक है वही उसके अधिकतम सेवन से वह शरीर के लिए नुकसानदेह भी साबित होती है। इसलिए आज मेडिकल क्षेत्र में निरंतर होते संधान के चलते कुछ बीमारियों से निपटने के लिए विकल्प खोज लिए गए है। जिसमे बिना दवाई, मलहम, पट्टी और इंजेक्शन का उपयोग किये व्यक्ति को उचित उपचार दिया जा सकता है,और यह तकनीक है फिजियोथैरेपी…फिजियोथैरेपी उपचार की एक नवीन विधा है, जिसने मेडिकल के क्षेत्र में आज एक अलग स्थान बना लिया है।

इस पद्धति की शुरुवात

जब कि पुराने समय में इस प्रकार के उपचार की पद्धति नहीं थी|क्योकि लोग व्यायाम, योग करते थे तथा संतुलित आहार के साथ अपनी स्वस्थ दिनचर्या जीते थे। परंतु वर्तमान समय में युवाओं को बाहर का तैलीय आहार ज्यादा पसंद आता है जिनसे उनकी भूख तो मिट जाती है मगर उससे शरीर को सही उर्जा नही मिलती जिसकी वजह से अक्सर उनके शरीर में दर्द रहता है। जिससे निजात पाने के लिए वह फिजियोथैरेपी का चुनाव करते है|भारत में फिजियोथेरेपी शिक्षा की शुरुआत 1953 में BMC, महाराष्ट्र सरकार व WHO के संयुक्त प्रयास से एक स्कूल व सेंटर फॉर फिजियोथैरेपी की स्थापना से हुई। 1962 में इंडियन फ़िज़ियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन की स्थापना हुई। आज के समय में भारत में 30000 से अधिक रजिस्टर्ड फिजियोथैरेपिस्ट है। चलिए हम आपको करियर के दृष्टिकोण से फिजियोथैरेपी के सभी महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराते हैं। कि यह क्या हैं, इसमें कैसे करियर बनाएँगे, आवश्यक शैक्षिक योग्यता, प्रमुख संस्थान आदि।

फिजियोथैरेपी कोर्स

अगर आप फिजियोथैरेपी से जुड़े तथ्यों से अवगत हो चुके हो। फिजियोथैरेपी में करियर बनाने हेतु छात्र को 12वीं में विज्ञान (PCB) विषय का पढ़ना आवश्यक है। और आप फिजियोथैरेपी कोर्स करके इस दिशा में अपना करियर बनाना चाहते है तो आपके पास फिजियोथैरेपी में प्रवेश पाने के निम्नलिखित रास्ते है आप चाहे तो इन कोर्स को कर फिजियोथैरेपी में अपना करियर बना सकते है।

  • बैचलर इन फिजियोथैरेपी (BPT)
  • मास्टर इन फिजियोथेरेपी (MPT)
  • डिप्लोमा इन फिजियोथेरेपी (DPT)

अंडरग्रेजुएट कोर्स (BPT Course Details in Hindi)

कोर्सेस के नामकोर्सेज के टाइपअवधि
बीएससी इन फिजियोथैरेपी
अंडरग्रेजुएट कोर्स 3 साल
बैचलर ऑफ़ फैसिओ/ फिजिकल थेरेपी अंडरग्रेजुएट कोर्स 4 साल
बैचलर ऑफ़ वेटरनरी साइंसअंडरग्रेजुएट कोर्स 5 साल (इन्क्लूडिंग इंटर्नशिप)

बैचलर ऑफ़ ऑक्यूपेशनल थेरेपी
अंडरग्रेजुएट कोर्स 3-5 साल

पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स (MPT Course Details in Hindi)

कोर्सेज के नामकोर्सेज के टाइपअवधि
पीएचडी इन फिजियोथेरेपी डॉक्टरेट डिग्री 2 साल
मास्टर ऑफ़ फिजियोथेरेपी इन स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री 2 साल
पीजी डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा 1 साल
मास्टर ऑफ़ फिजियोथेरेपी (न्यूरोलॉजी)पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री 2 साल
एमडी इन फिजियोथेरेपी पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री 3 साल
मास्टर इन फिजियोथेरेपी (एमपीटी)पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री 2 साल
एमएससी इन फिजियोथेरेपीपोस्ट ग्रेजुएट डिग्री 2 साल

फॉर डिप्लोमा कोर्स (DPT Course Details in Hindi)

डिप्लोमा इन फिजियोथैरेपीअंडरग्रेजुएट कोर्स2 to 3 साल
  1. 12th पास के बाद उमीदवार भर सकते हैं
  2. मयनता प्राप्त बोर्ड से उमीदवार नै 12th पास किया हो
  3. उमीदवार को और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया(eligibility criteria) कॉलेज सेट करके देता है
  4. कॉलेज के ऊपर होता है आप एंट्रेंस एग्जाम दे रहे हो की नहीं

फिजियोथैरेपी के कार्य क्षेत्र

आइये अब हम आपको फिजियोथैरेपी के कार्य क्षेत्र के बारे में बताते चलते है। फिजियोथैरेपी कोर्स करने के बाद आप चाहे तो इन करियर प्रोफाइल को चुन सकते है।

  • फ़िज़ियोथेरेपिस्ट
  • पुनर्वास विशेषज्ञ
  • सलाहकार
  • स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट

फिजियोथैरेपी में करियर बनाने के लिए आवश्यक योग्यता

योग्यताउम्मीदवारों को प्रवेश के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से 10+2 में विज्ञान में 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
उम्र17 वर्ष या उससे अधिक
शैक्षिक योग्यताइंटरमीडिएट फिजियोथैरेपी से स्नातक
प्रवेश प्रक्रियाएंट्रेंस एग्जाम

आवश्यक कौशल

  • दीर्घकालिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता।
  • सटीकता और विस्तार पर अच्छा ध्यान|
  • जटिल तकनीकी निर्देशों को समझाने और समझने की क्षमता।
  • थी एबिलिटी टू वर्क इन टीम
  • देहरे

नौकरी के विकल्प

फिजियोथैरेपी में नौकरी के विकल्प काफी सुनहरे है|फिजियोथैरेपी के डॉक्टर की वर्तमान समय में ज्यादा मांग है| हर अस्पतालों में इसके लिए एक अलग से विभाग होता है | ग़ौरतलब है कि,आप अपना क्लिनिक भी खोल सकते है, इससे अच्छी इनकम भी होती हैं|आप सरकारी क्षेत्र में भी नौकरी पा सकते है| करियर और सैलरी के लिहाज से हम कह सकते है कि फिजियोथैरेपी में करियर बनाकर आपके सुनहरे भविष्य का सपना पूरा हो सकता है|

फंडिंग/स्कालरशिप

कोर्स ऑफ़ फैसिओथेरपीय मै फीस कोई बड़ी बात नहीं है पर कुछ इंस्टीटूएस आकर्षित एजुकेशन लोन देते हैं अच्छे फिजियोथेरेपी कॉलेज मै भर्ती कराने के लिए | इसके अलावा इंस्टिट्यूट स्कालरशिप भी देता है मेरिट के बेसिस पर और जिनको फिजियोथेरेपी के ऊपर रीसर्च करने के लिए वो किसी भी फैसिओथेरपि यूनिवर्सिटी मे जाके सकता है|

सैलरी

फिजियोथैरेपी कोर्स करने के बाद आप किसी भी हॉस्पिटल में आपको शुरुआत में 7-15 हजार रूपये की सैलरी आसानी से मिल सकती है। इसके अतिरिक्त आप स्वयं का क्लिनिक खोल कर 1000-1500 रुपये तक प्रतिदिन पा सकते है। फिजियोथैरेपी करने के बाद हॉस्पिटल इंडस्ट्री में आप को जॉब आसानी से मिल जाएगी।

अत: करियर के लिहाज से हम कह सकते है कि फिजियोथैरेपी में करियर बनाना आपका अच्छा निर्णय हो सकता हैं, जो आपके करियर को एक नयी ऊँचाई तक ले जा सकता हैं।

डिमांड एंड सप्लाई

इंडिया मै फिजियोथेरेपी मार्किट का स्तर नीचे है और बॉथ डरावना है | फिजियोथेरेपी के स्कोप और उसके प्रोफेशन के बारे मे कोई जगकरुता नहीं है | इंडिया मे बौहत कम इंफ्रास्ट्रक्चर है जो अच्छी एजुकेशन दे सके फिजियोथेरेपी के बारेमे। यहाँपे सब मेनस्ट्रीम की तरफ जाते हैं | इसी कारण भारत मै फिजियोथेरेपी का जॉब मार्किट कम है।

फिजियोथैरेपी के प्रमुख संस्थान

S. No.कॉलेज/यूनिवर्सिटीज के नामजगह
1जामिआ मिलिया इस्लामिआ नई दिल्ली
2Pt. पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंस्टिट्यूट फॉर फिजिकली हैंडीकैप्डनई दिल्ली
3लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू)जलंधर
4डॉ डीवाई पाटिल कॉलेज ऑफ़ फिजियोथेरेपीमुंबई
5स्कूल स्कूल ऑफ़ फिजियोथेरेपी, हड्डी रोग केंद्र, केईएम अस्पतालमुंबई
6डॉ एम.वी. शेट्टी कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपीकर्नाटक
7यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट जयपुर
8गुरु काशी यूनिवर्सिटी (जीकेयू)बठिंडा
9स्वर्णिम स्टार्टअप एंड इनोवेशन यूनिवर्सिटीगांधीनगर
10पारुल यूनिवर्सिटी गुजरात
11अन्नामलाई यूनिवर्सिटी तमिलनाडु
12 जयपुर फिजियोथेरेपी कॉलेज एंड हॉस्पिटल जयपुर
13 स्वामी विवेकानंदा यूनिवर्सिटी (सवीयू)कोलकाता
14 पी पी सावनी यूनिवर्सिटी सूरत
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज
  • बीएचयू वाराणसी
  • पीजीएमआईएस रोहतक
  • बीएफयूएचएस, फरीदकोट पंजाब
  • हमदर्द इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, दिल्ली
  • गुरु गोविंद सिंघ इन्द्रप्रथ यूनिवर्सिटी, दिल्ली
  • जामिया मिलिया, दिल्ली
  • अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु
  • एमिटी यूनिवर्सिटी , नोएडा

यदि उपरोक्त जानकारियाँ, फिजियोथेरेपी से जुड़े आपके सवालों का जवाब देने में हम समर्थ रहे हो तो अपने बहुमूल्य सुझाव हमे देना न भूले |

करियर इन फिजियोथेरेपी

हमे पता है की बहुत अलग अलग सेक्टर्स है जहाँ फिजियोथेरेपी अपॉइंटमेंट होती है जैसे की हेल्थ सेंटर्स फिटनेस सेंटर्स, वैलनेस सेंटर्स, स्पा आदि. उम्मीदवार अपने कोर्स खत्म करने के बाद आसानी से अप्लाई और भर्ती अच्छे कम्पनीज़ में कर सकते हैं।

फिजियोथेरेपी कोर्स करिकुलम

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स करिकुलम (Bachelor of Physiotherapy Course Curriculum)

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (Bachelor of Physiotherapy) डिग्री प्राप्त करने में रुचि रखने वालों के लिए, प्रत्येक सेमेस्टर के लिए पाठ्यक्रम पर एक हेड-अप आगे की योजना बनाने के लिए उपयोगी हो सकता है। बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी या बीपीटी के लिए विस्तृत पाठ्यक्रम नीचे देखें:

छमाहीविषय
Sem – Iबेसिक नर्सिंग (Basic Nursing) जीव रसायन (Biochemistry) फिजियोलॉजी (Physiology) एनाटॉमी (Anatomy) अंग्रेज़ी (English)
Sem – IIफिजियोथेरेपी के लिए अभिविन्यास (Orientation to Physiotherapy) 
समाज शास्त्र (Sociology)
मनोविज्ञान (Psychology)
जैवयांत्रिकी (Biomechanics)
Sem – IIIभारत का संविधान (Constitution of India)
प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर (First Aid and CPR)
औषध (Pharmacology)
कीटाणु-विज्ञान (Microbiology)
विकृति विज्ञान (Pathology)
Sem – IVक्लिनिकल ऑब्जर्वेशन पोस्टिंग (Clinical Observation Posting)
उपचार का परिचय (Introduction to Treatment)
अनुसंधान पद्धति और बायोस्टैटिस्टिक्स (Research Methodology and Biostatistics)
इलेक्ट्रो थेरिपी (Electrotherapy)
व्यायाम चिकित्सा (Exercise Therapy)
Sem -Vआर्थोपेडिक्स और ट्रॉमेटोलॉजी (Orthopaedics and Traumatology)
सामान्य शल्य चिकित्सा (General Surgery)
सामान्य दवा (General Medicine)
Sem – VIसंबद्ध उपचार (Allied Therapies)
सुपरवाइज्ड रोटरी क्लिनिकल ट्रेनिंग (Supervised Rotary Clinical Training)
आर्थोपेडिक्स और स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी (Orthopaedics and Sports Physiotherapy)
Sem – VIIसमुदाय आधारित रिहैबिलिटेशन (Community-based Rehabilitation)
न्यूरो- फिजियोलॉजी (Neuro- Physiology)
सामुदायिक चिकित्सा (Community medicine)
न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी (Neurology and neurosurgery)
Sem- VIIIसाक्ष्य-आधारित फिजियोथेरेपी और अभ्यास (Evidence-based physiotherapy and practice)
नैतिकता, प्रशासन और पर्यवेक्षण (Ethics, Administration and Supervision)
पर्यवेक्षित रोटरी नैदानिक प्रशिक्षण (Supervised Rotatory clinical training)
प्रोजेक्ट (Project)

मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स पाठ्यक्रम

MPT के पूरे 2 साल के पाठ्यक्रम का विवरण संदर्भ के लिए नीचे दिया गया है:

सालविषय
1st Yearउन्नत मैनुअल थेरेपी (Advanced Manual Therapy)इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी और इलेक्ट्रो निदान (Electrophysiology and Electro Diagnosis)एडवांस्ड इलेक्ट्रोथेरेपी (Advanced Electrotherapy)एक्सरसाइज फिजियोलॉजी, हेल्थ एंड फिटनेस (Exercise Physiology, Health & Fitness)एप्लाइड बायोमैकेनिक्स और काइन्सियोलॉजी (Applied Biomechanics and Kinesiology)अनुसंधान पद्धति और बायोस्टैटिस्टिक्स (Research Methodology & Biostatistics)फिजियोथेरेपी अभ्यास और शिक्षा प्रौद्योगिकी (Physiotherapy Practice & Education Technology)
2nd Yearसाइंटिफिक इंक्वायरी (Scientific Enquiry)क्लिनिकल पोस्टिंग (Clinical Posting)डिडक्टिक (Didactic)क्लिनिकल प्रशिक्षण/प्रयोगशाला कार्य (Clinical Training/Laboratory Work)

फिजियोथेरेपी कोर्स पाठ्यक्रम में डिप्लोमा

फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा कोर्स करने के इच्छुक लोगों के लिए, यहां 3 साल के पाठ्यक्रम पर एक नजर है:

सालविषय
1st Yearव्यायाम चिकित्सा (Exercise Therapy) फ़ार्माकॉलोजी (Pharmacology) पैथोलॉजी (Pathology) सामान्य फिजियोलॉजी (General Physiology) सामान्य एनाटॉमी (General Anatomy)
2nd Yearगाइनकालजी (Gynaecology) मेडिसिन (Medicine)कंप्यूटर प्रशिक्षण (Computer Training) मनोविज्ञान (Psychology) इलेक्ट्रो थेरिपी (Electrotherapy)
3nd Yearबायोमैकेनिक्स और काइन्सियोलॉजी (Biomechanics & Kinesiology) रिहैबिलिटेशन (Rehabilitation) ओर्थपेडीक (Orthopedics)शल्य चिकित्सा (Surgery) सर्जिकल स्थितियों में फिजियोथेरेपी (Physiotherapy in Surgical Conditions) चिकित्सा स्थितियों में फिजियोथेरेपी (Physiotherapy in Medical Conditions)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिजियोथेरेपिस्ट के तौर पे क्या हम अपना करियर सिक्योर कर सकते हैं ?

फिजियोथेरेपिस्ट की मांग लगभग हर क्षेत्र में बढती जा रही है , ये एक बढ़ते भविष्य की उजवल खोज भी साबित हुई है |

भारत मै फैसिओथेरपिस्ट्स के टॉप Recruiters कौन है ?

भारत के टॉप recruiters है
1. Fitness Centers
2. Fortis Hospital
3 . Help Age India
4 . Hospitals And Health Centers
5 . Intellectual Resource Training Private Limited

टेक्नोलॉजी के इस दौर में क्या लोग अभी भी फिजियोथेरेपिस्ट को वो महत्व देते है ,जो की एक डॉक्टर या अन्य मेडिकल टीम को मिलती है ?

फिजियोथेरेपिस्ट एक सबसे अलग तरह का इलाज करता है इसमें आपको बिना दवाई के बिना मेडिकल ट्रीटमेंट के ही आपका इलाज किया जाता है |तथा उपचार भी सफलतापूर्वक संभवत किया जा रहा है | और आपको इसमें किसी प्रकार की कोई हानि ही नही होती इसलिए लोग इस प्रोफेशन को बहुत मान भी दे रहे हैं |

इस फिल्ड की अहमियत किसी संस्था में मौजूद है क्या ?

उत्तर – स्पोर्ट्स सेक्टर में अनगिनत पैसा है , इसमें तो किसी को भी कोई दोराय नहीं आपने देखा होगा की अक्सर कोई भी खेल हो प्रतेक खेल के समय फिजियोथेरेपिस्ट की मौजूदगी रहती है | और उपचार भी बहुत हल्के तौर पे किये जाते हैं जिसमें बर्फ ,स्प्रे , नार्मल व्यायाम आदि शामिल हैं |इसके आलावा कई जगह हैं जहाँ इनके होने के बाद की कुछ मुमकिन होता है |

व्यापार के लिहाज से ये कितना लाभकारी है ?

उत्तर – व्यापार के लिहाज से ये बहुत ही लाभकारी है इस फिल्ड में आप जब अपनी उच्च शिक्षा कम्पलीट करते हैं उसके पश्चात अगर आप चाहें तो अपना खुद का व्यापार करके ये अची आमदनी कर सकते हैं | आप विजिटर अथवा अपना सेंटर चला कर इसमें व्यापार कर सकते हैं |

क्या विदेशों में भी इससे कोई लाभ मिल सकता है ?

अनंत संभावनाए हैं विदेशों में इस फिल्ड की क्यों की जब आप फिजियोथेरेपिस्ट कम्पलीट एजुकेशन ले लेते हैं तो केवल आवेदन करने तक ही आप इंतज़ार करते हैं उसके पश्चात आप अपनी इच्छा से जहाँ चाहें वहां काम कर सकते हैं | विदेशों में भी इसके पद हर क्षेत्र में उपलब्ध है |

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